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श्री राम नहीं कोई कलप कल्पना...


🚩Jay Shri Ram  🚩 


के......
श्री राम नहीं कोई कलप कल्पना...
राम हमारे परमादर्श...
राम प्रेरणा   पुंज हमारे...
राम श्रेष्ठता के उत्कर्ष.....

राम सिखाते मर्यादा..मानवता का उद्गान..
राम श्रेष्ठ है शिखर ....बिंदु से 
राम सिखाते है उत्थान...

राम वहीं पर जन्मे थे ...
ये क्या प्रमाण की बात भयी...  
बस यहीं आस्था जीत गयी ..
जो पुरखों ने सौगत कही ...

अरे राम लला ने वचन दिया ...
पूर्ण रूप से निश्छल थे ...
वे गंगा को पावन करदें ऐसे 
 हृदय से निर्मल थे...

जब बात सुलह का मार्ग बने ...
 राम मनन में कर लेना..
और शस्त्र उठा रामायण करनी..
राम स्मरण में कर लेना..

राम ना थे मानव साधारण 
राम एक संकल्प हमारा...
राम नहीं किसी बंधन में...
राम को बांधे प्रेम हमारा..

जुड़ी राम से हर वो बात...
राम नाम जिसका आधार...
राम   हमारी   भक्ति है.....
राम   नाम से हम साकार.. 


राम बताते जननी से बढ़कर 
 जन्मभूमि   का नाम है आता..
मर्यादा से शील मिलादें..
निष्कर्ष सिर्फ राम ही आता.... 


मैं राम का हूँ ....
राम कभी होंगे मेरे..
 चाहे आस कहो या मेरी आस्था ...
मंजिल मेरी राम ही है ...
और राम से ही है  मेरा  रास्ता...

   🚩🚩 जय श्री राम 🚩🚩



शशांक  शर्मा.....